Recipe in Hindi, Marathi and English
Masala khichdi recipe
रेसिपी ऑफ मसाला खिचड़ी या मसाला खिचड़ी रेसिपी इन हिंदी, मराठी एंड इंग्लिश बहुत ही आसान रेसिपी है. आप अगर थक गए हो, कम समय और कम मेहनत से कोई पौष्टिक रेसिपी बनाना कहते हो तो  मसाला खिचड़ी से अच्छा कोई ऑप्शन नहीं है. 

इसी तरह अगर  आप की तबियत ख़राब हो, भूक लगी हो लेकिन खाने को मन नहीं कर रहा हो तो ऐसे वक्त मसाला खिचड़ी एक हल्का खाना है. जिसे आप खा सकते है. यह आपके शरीर के लिए लगनेआली पौष्टिकता भी प्रदान करता है. 

इसे बनाने में लगने वाली सामग्री अक्सर घरोमे मौजूद होती है. आप का जब  मन चाहे  आप इसे अपने घरपर बना सकते है. 

आप हमारी इस रेसिपी ऑफ मसाला खिचड़ी या मसाला खिचड़ी रेसिपी का अनुसरण करके इसे बनाने के बाद इस पर थोड़ा घी और उसपर हरा धनिया  डाल कर  गार्निश कीजिए और इसे दही, चटनी या पापड़ के साथ परोसिए.


टिप्स कुकर में सब्जिया पकाते वक्त ध्यान  रखिए. जियादा सीटिया आने तक सब्जिया रह  गई तो नरम हो जाएगी.  

अपनी पसंद या जो सब्जी आसनिसे मिल रही हो.  या जिस मौसम मे आप खिचडी बना रहे हो ऊस मौसम मे जो सब्जी मिल रही हो  असे आप इस्तामल कर शकते हो. 

आगर आप को तिखा पसंद हो तो मिर्च जियादा डालिए  और तिखा पसंद ना हो तो काम भी इस्तेमाल कर सकते है.

आप अपनी पसंद के मुताबिक घी, रिफाइंड तेल या सरसो का तेल इस्तेमाल कर सकते है. 



खिचड़ी बनने का समय

बनाने की तैयारी करने में १० मिनट लता है और इसे बनाने में २० मिनट लता है.



खिचड़ी एक पूर्ण आहार / Khichdi ek purn Ahar
खिचड़ी एक पूर्ण आहार है. खिचड़ी में कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन्स, मिनरल्स, वाटर, फाइबर्स जैसे कई हेल्दी न्यूट्रिएंट्स होते हैं खिचड़ी बनाने में दाल और चावल दोनों का इस्तेमाल किया जाता है. दाल में  प्रोटीन होते  है और चावल में कार्बोहाइड्रेट्स होते है. खिचड़ी बनाने में सब्जियों का भी इस्तेमाल क्या जाता है. सब्जियों के मिलाने से मिनरल्स और विटामिन्स  भी शामिल हो जाते हैं. इस प्रकार यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन्स  और मिनरल्स से भरपूर  एक पूर्ण आहार बन जाता है.

खिचड़ी के स्वास्थ्य लाभ / Khichdi ke swasthya labh

खिचड़ी के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है. हम जानते है की डॉक्टर भी मरीजों को खिचड़ी खाने की सलाह दते है. यह पाचन में आसान होती है और साथ ही एक पूर्ण आहार भी होती है. मरीज इसे आसानीसे पचा लेता है और उस के शरीर को सारे  पौष्टिक तत्व भी मिल जाते है. 

खिचड़ी का इस्तेमाल पाचन क्षमता बढ़ाने में / Khichdi ka istamal pachan kshamta badhane me

खिचड़ी पाचन क्षमता कजोर होनेपर खाई जाए तो भी आसानीसे पच जाती है. और शरीर की पाचन क्रिया को सुधार देती है. मरीजों की पाचन शक्ति काम हो जाती है तो डॉक्टर खिचड़ी खिलानेकी सलाह देते है. जिस कारन उसकी पाचन शक्ति भी सुधर जाती है और साथ ही साथ मरीज को पौष्टिक आहार भी मिल जाता है जो आसानीसे  पच जाता है.

खिचड़ी का इस्तेमाल आंत और पेट की समस्या दूर करने में / Khichdi ka isatamal aant aur pet ki samasya door karne ke liey.

खिचड़ी एक हेल्थी फ़ूड हैइस में मसालोका कम इस्तेमाल किया जाता हैजिस के कारन यह पाचनक्रिया को सही रखता है और पेट और आंतो के लिए हमेश लाभकारी होती हैजिस की वजह से हमारा पेट हमेशा अच्छा रहता है और हम बहुत सारी बिमारियों से बच जाते है.

खिचड़ी का इस्तेमाल पोषक तत्वों पूर्ति के लिए / Khichdi ka istamal poshak tatwo ki purti ke liey

जब मरीज कमजोर हो और उसे पोषक तत्वों की ज़रूरत हो तो ऐसे वक्त में खिचड़ी एक बेहतरीन पूर्ण आहार है. इस में बहुत साडी सब्जिया होती है जिस की वजह से यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है. शरीर के लिए जरुरी बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स इस में मिल जाते हैं.


खिचड़ी का इस्तेमाल मोटापे से बचने के लिए / Khichdi ka istamal motape se bachane ke liey

खिचड़ी को अगर गर्मियों के मौसम में दही के साथ खाया जाए और सर्दियों के मौसम  में घी के साथ खाया जाए तो इंसान का वज़न नहीं बढ़ता. यह आसानी से पच जाती है. इंसान के शरीर में एक्स्ट्रा चर्बी जमा नहीं होती। जिस के कारन उस का वज़न नहीं बढ़ता.


खिचड़ी का इस्तेमाल शुगर कंट्रोल करने में / Khichdi ka isatamal shugar kantrol karne ke liey

जिन लोंगोंको को शुगर यानि डायबिटीज का प्रॉब्लम हो उन लोंगोंको खिचड़ी का सेवन करना चाहिए. इस के खाने से शुगर  भी कंट्रोल में रहती है और वज़न भी नहीं बढ़ता है. कन्ट्रो में रहता है.



खिचड़ी का इस्तेमाल अच्छी नींद आने के लिए / Khichdi ka istamal nind aane ke liey

जो चीज़े आसानीसे पांच जाती है  खानेपर इंसान को जल्दी नींद आती  है. खिचड़ी भी आसानीसे पांच जाती है और इंसान का पेट हलका हो जाता है और उसे जल्दी नींद आजाती है. जिन को रात नींद आने की परेशानी हो उसे रात को खिचड़ी खानी चाहिए उसे जल्दी नींद आएगी.



खिचड़ी का इस्तेमाल कब्ज की समस्या दूर करने में / Khichdi ka istamal kabz ki samasya door karne ke liey.


कुछ  लोगोंको कब्ज या अपचन की शिकायत होती है. इसी तरह कुछ गर्भवती महिलाओंको गर्भावस्ता में अपचन या कब्ज की शिकायत होती है. अगर कोई ऐसी स्तिथि से झूझ रहा है तो इन हालत में उस के लिए खिचड़ी खाना बहुत लाभकारी है. खिचड़ी खानेपर जल्दी पाचन हो जाता है और पेट हल्का रहता है भारीपन नहीं रहता.


आवश्यक सामग्री : 

  • 1/2 कप मूंग दाल
  • 2/3 कप चावल
  • 1 गाजर चॉप्ड
  • 1 आलू
  • 1 कप फ्लावर गोभी  
  • 1 कप मटर
  • 2-3 चम्मच टमाटर (कद्दूकस)
  • 1 कांदा चॉप्ड
  • 1 चम्मच जीरा,  
  • 1 इंच अदरक चॉप्ड
  • 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 1/4 चम्मच हींग
  • 1 चम्मच घी 
  • 1½ चम्मच हल्दी पाउडर
  • तेल, हरा धनिया, हरी मिर्च



मसाला खिचड़ी बनाने की विधि 

  1. सबसे पहले मूंग दाल और चावल को मिक्स कर ले.  
  2. उसके बाद चावल और मूंग दाल को धोकर कुकर में दाल दे.  
  3. साथ ही 5 कप पानी ,स्वादानुसार नमक,  1/2 चम्मच हल्दी पाउडर,  1 चम्मच घी,  आलू,  गाजर,  फ्लावर गोभी  और मटर  डालकर कुकर का ढक्कन लगा कर गैस को धीमी आंच पर कर के 2 से 3 सिटी आने दे.  
  4. 2 से 3 सिटी आने के बाद गैस बंद कर ले.  
  5. बर्तन गैस पर रखकर तेल डालें.  
  6. तेल गर्म हो जाने पर हींग, जीरा,  कांदा , हरी मिर्च और अदरक डालकर कांदे को भून ले.  
  7. कांदा गर्म हो जाने पर 1 चम्मच हल्दी पाउडर , 1/2  चम्मच लाल मिर्च पाउडर और टमाटर डालकर अच्छे से मिक्स करके 1 से 2 मिनट भून ले.  
  8. उसके बाद कुकर में उबली हुई खिचड़ी( मूंग दाल और चावल) डालकर अच्छे से मिक्स करके 1 से 2 मिनट धीमी आंच पर पका ले.   
  9. पक जाने पर गैस बंद कर ले. 



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Masala Khichdi


Recipe of Masala Khichdi or Masala Khichdi recipe is a very easy recipe. If you are tired, have less time and want to make a nutritious recipe, then there is no better option than Masala khichdi.

Similarly, if your health is bad, you are hungry but you do not feel like eating, then Masala khichdi is a light food. That you can eat. It also provides nutritional benefits for your body.
The material used to make it is often present in the house. Whenever you want, you can make it at home.

After making Masala khichdi by following our recipe of masala khichdi or masala khichdi recipe, add ghee and green coriander and serve with curd, chutney or papad.






Tips: Be careful when cooking vegetables in the cooker. Leave the vegetables until more whistles will soften them.

You can use the vegetables that you like to cook in the season in which you are making masala khichdi.

If you like more spicy, add more chilies and if you don't like spicy , you can use less chilies.
You can also use ghee, refined oil or rye oil to your liking.



Time to make khichdi

It takes 10 minutes to prepare and it takes 20 minutes to make it.




Khichdi complete diet


Khichdi is a complete diet. Khichdi contains many healthy nutrients like carbohydrates, vitamins, minerals, water, fibers, both pulses and rice are used in making khichdi. Lentils contain protein and rice contains carbohydrates. Vegetables are also used in making khichdi. Minerals and vitamins are also added by adding vegetables. Thus, it becomes a complete diet full of protein, carbohydrates, vitamins and minerals.


Health Benefits of Khichdi 

Khichdi has many health benefits. We know that doctors also advise patients to eat khichdi. It is easy to digest and also has a complete diet. The patient digests it easily and his body also gets all the nutritious ingredients.


Use of khichdi to increase digestibility

Khichdi is easily digested even if it is consumed with digestive capacity. And improves digestion of the body. If the digestive power of the patients is working, then the doctor advises feeding khichdi. Due to which its digestive power also improves and at the same time the patient also gets nutritious food which is easily digested.

Use of khichdi to get good sleep



A person sleeps quickly after eating things that easily go five. Khichdi also easily goes to five and the stomach of a person becomes light and he is fast asleep. Those who have trouble sleeping at night, should eat khichdi at night, they will sleep fast.


Khichdi  used for nutrient supply

When the patient is weak and needs nutrients, then khichdi is an excellent complete diet. There is a lot of vegetables in it, due to which it is full of nutrients. Many vitamins and minerals necessary for the body are found in it.

Use of khichdi to control sugar


Those people who have sugar or diabetes problem, those people should consume khichdi. By eating this, sugar is also under control and weight does not increase. Lives in control.


Use of Khichdi  to avoid obesity

If khichdi is eaten with curd in the summer season and ghee in the winter season, then the weight of a person does not increase. It is easily digested. Extra fat is not stored in human body. Which does not increase his weight.

Use of khichdi to relieve intestinal and stomach problems

Khichdi is a healthy food. Masaloka is used less in this. Due to which it keeps the digestion process right and is always beneficial for the stomach and intestines. Because of which our stomach is always good and we are saved from many diseases.


Use of Khichdi  to relieve constipation

Some people complain of constipation or indigestion. Similarly, some pregnant women complain of indigestion or constipation in pregnancy. If someone is struggling with such a situation, then eating khichdi is very beneficial for them in these conditions. Eating khichdi leads to quick digestion and the stomach remains light, heaviness does not remain.



Ingredients :

  • 1/2 cup moong dal
  • 2/3 cup rice
  • 1 carrot chopped
  • 1 potato
  • 1 cup cauliflower
  • 1 cup peas
  • 2-3 spoon tomatoes (grated)
  • 1 Onion  Chopped
  • 1 teaspoon Cumin seeds,
  • 1 inch Ginger Chopped
  • 1/2 teaspoon red chili powder
  • 1/4 teaspoon asafoetida
  • 1 teaspoon Ghee
  • 1½ teaspoon turmeric powder
  • Oil, green coriander, green chilli



Masala khichdi recipe

  • First of all mix the moong dal and rice. 
  • After that wash the rice and moong dal and give it to the cooker. 
  • Also add 5 cups of water, salt as per taste, 1/2 teaspoon turmeric powder, 1 teaspoon of ghee, potatoes, carrots, flower cabbage and peas and put the lid of the cooker on low flame and let the water come to 2 to 3 Whistles. 
  • Turn off the gas after coming to 2 to 3 Whistles.
  • Put oil on a gas pot. 
  • After the oil is hot, add asafetida, cumin, kanda, green chilli and ginger and fry the kanda. After the kanda gets hot, add 1 teaspoon turmeric powder, 1/2 teaspoon red chili powder and tomatoes and mix well and fry for 1 to 2 minutes. 
  • After that add boiled khichdi (moong dal and rice) in the cooker and mix it well and cook on low flame for 1 to 2 minutes. 
  • Turn off the gas when cooked.



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मसाला खिचड़ी                            (Marathi)



रेसिपी ऑफ मसाला खिचडी किंवा मसाला खिचडीची रेसिपी इन मराठी खूप सोपी रेसिपी आहे. जर तुम्ही कंटाळले असाल, आणि कमी वेळ आणि कमी मेहनत मध्ये पौष्टिक रेसिपी बनवाईची असेल , तर मसाला खिचडी शिवाय दुसरा कोणता पर्याय नाही.

त्याचप्रमाणे, जर तुमची तब्येत खराब असेल, भूक लागली  असेल पण तुम्हाला खाण्यासारखे वाटत नसेल, तर यावेळी मसाला खिचडी हा हलका आहार आहे. आपण अशा वेळी  खाऊ शकता. हे आपल्या शरीरासाठी पौष्टिक फायदे देखील प्रदान करते.

ती तयार करण्यासाठी वापरली जाणारी सामग्री बहुतेकदा घरात असते. त्यामुळे जेव्हा आपल्याला पाहिजे तेव्हा आपण ती  घरी बनवू शकता.

आमच्या या  रेसिपी ऑफ मसाला खिचडी किंवा मसाला खिचडी  रेसिपी चे अनुकरण करून मसाला खिचडी बनवल्यानंतर त्यावर तूप आणि हिरव्या धणे घालून दही, चटणी किंवा पापड सोबत खायला द्या




टिपाः कुकरमध्ये भाज्या शिजवताना काळजी घ्या. जास्त शिट्या   येईपर्यंत भाजी राहिल्यास ती मऊ होईल.

तुम्हाला जी भाजी आवडत आशेला ती किव्वन ज्या हंगामात तुम्ही मसाला खिचडी बनवत असाल त्या हंगामात जी सहज उपलब्ध आशेला ती भाजी वापरू शकता. 

जर तुम्हाला तिखट  आवडत असेल तर मिरची अधिक घाला आणि जर तुम्हाला तिखट  आवडत नसेल तर तुम्ही  मिरची  कमी वापरू शकता.

आपण आपल्या आवडीनुसार तूप,  रिफाईंड  तेल किंवा राय चे तेल सुद्धा  वापरू शकता.



खिचडी बनवण्याची वेळ

तयार होण्यासाठी 10 मिनिटे लागतात आणि ती तयार करण्यास 20 मिनिटे लागतात.


खिचड़ी  एक पूर्ण आहार

खिचड़ी हा एक संपूर्ण आहार आहे. खिचडीमध्ये कार्बोहायड्रेट, जीवनसत्त्वे, खनिजे, पाणी, तंतू आणि डाळी आणि तांदूळ यासारख्या बर्‍याच निरोगी पोषक घटकांची खिचडी तयार करण्यासाठी वापरली जाते. डाळीत प्रथिने असतात आणि तांदूळात कार्बोहायड्रेट्स असतात. खिचडी बनवण्यासाठी भाजीचा वापरही केला जातो. भाज्या घालून खनिजे आणि जीवनसत्त्वे देखील जोडली जातात. अशा प्रकारे, हे प्रथिने, कर्बोदकांमधे, जीवनसत्त्वे आणि खनिजांनी परिपूर्ण आहार बनते.


खिचड़ी आरोग्य फायदे

खिचड़ी चे बरेच आरोग्य फायदे आहेत. आम्हाला माहित आहे की डॉक्टर रुग्णांना खिचडी खाण्याचा सल्लाही देतात. हे पचविणे सोपे आहे आणि संपूर्ण आहार देखील आहे. रुग्णाला हे सहज पचते आणि त्याच्या शरीरात सर्व पौष्टिक घटक देखील मिळतात.


पचन क्षमता वाढविण्यासाठी खिचडीचा वापर

खिचडी हि  पाचक क्षमता  कमी असतानाही  खाल्ल्यासही सहज पचते. आणि शरीराचे पचन सुधारते. जर रुग्णांची पचनशक्ती कार्यरत असेल तर डॉक्टर खिचडी खायला देण्याचा सल्ला देतात. ज्यामुळे त्याची पाचक शक्ती देखील सुधारते आणि त्याच वेळी रुग्णाला पौष्टिक आहार देखील मिळतो जो सहज पचतो.

लठ्ठपणा टाळण्यासाठी खिचडीचा वापर


उन्हाळ्याच्या हंगामात खिचडी दही आणि हिवाळ्यामध्ये तूप खाल्ल्यास एखाद्याचे वजन वाढत नाही. हे सहज पचते. अतिरिक्त चरबी मानवी शरीरात साठवली जात नाही. ज्यामुळे त्याचे वजन वाढत नाही.


खिचडीचा वापर पौष्टिक तत्वांची कमी पूर्ण करण्यासाठी. 

जेव्हा रुग्ण कमकुवत असेल आणि त्याला पोषक तत्त्वांची आवश्यकता असेल तर खिचडी एक उत्कृष्ट संपूर्ण आहार आहे. त्यामध्ये बरीच भाजीपाला असतो, त्या मुळे त्या पोषक असतात. शरीरासाठी आवश्यक असलेले अनेक जीवनसत्त्वे आणि खनिजे त्यात आढळतात.


साखर नियंत्रित करण्यासाठी खिचडीचा वापर

ज्या लोकांना साखर किंवा मधुमेहाचा त्रास आहे अशा लोकांनी खिचडी खावी. हे खाल्ल्याने साखरही नियंत्रणात असते व वजनही वाढत नाही. नियंत्रणात राहतो.

चांगली झोप येण्यासाठी खिचडीचा वापर 

पचण्यास सहज असणाऱ्या वस्तू  खाल्ल्यानंतर एखादी व्यक्ती पटकन झोपी जाते. खिचडी देखील सहजपणे पचते  आणि एखाद्याचे पोट हलके होते आणि तो झोपी जातो. ज्यांना रात्री झोपताना त्रास होत असेल त्यांनी रात्री खिचडी खावी, त्यांना लवकर झोप येईल.

बद्धकोष्ठता दूर करण्यासाठी  खिचडीचा  वापर


काही लोकांना बद्धकोष्ठता किंवा अपचनाची तक्रार असते. त्याचप्रमाणे काही गर्भवती स्त्रिया गरोदरपणात अपचन किंवा बद्धकोष्ठतेची तक्रार करतात. अशा परिस्थितीशी जर कोणी संघर्ष करत असेल तर या परिस्थितीत खिचडी खाणे त्यांच्यासाठी खूप फायदेशीर आहे. खिचडी खाल्ल्याने पचन द्रुत होते आणि पोट हलके राहते आणि वजन कमी राहत नाही.
 .

आतड्यांसंबंधी आणि पोटाच्या समस्या दूर करण्यासाठी खिचडीचा वापर

खिचडी हे एक स्वस्थ अन्न आहे. यामध्ये मसाल्याचा  कमी वापर केला जातो. ज्यामुळे हे पचन प्रक्रिया योग्य ठेवते आणि पोट आणि आतड्यांसाठी नेहमी फायदेशीर असते. ज्यामुळे आपले पोट नेहमीच चांगले असते आणि आपण बर्‍याच रोगांपासून वाचतो.


आवश्यक सामग्री:

  • १/२ कप मूग डाळ
  • 2/3 कप तांदूळ
  • 1 गाजर चिरले
  • 1 बटाटा
  • 1 कप फुलकोबी
  • १ कप वाटाणे
  • २-२ चमचा टोमॅटो (किसलेले)
  • 1 कांडा चिरलेला
  • १ चमचा जिरे,
  • 1 इंच आले चिरलेला
  • १/२ चमचा लाल तिखट
  • १/4 चमचा हिंग
  • १ चमचा तूप
  • १½ चमचे हळद
  • तेल, हिरवी धणे, मिरची



मसाला खिचड़ी रेसिपी

  1. सर्व प्रथम मूग डाळ आणि तांदूळ मिक्स करा. 
  2. त्यानंतर तांदूळ आणि मूग डाळ धुवून कुकर मध्ये टाका .   
  3. तसेच पाच कप पाणी, चवीनुसार मीठ, १/२ चमचे हळद, १ चमचे तूप, बटाटे, गाजर, फ्लॉवर कोबी आणि वाटाणे  घाला आणि कुकरचे झाकण बंद करून मंद फ्लेम  वर ठेवा आणि २ ते ३  शिट्या  येऊ द्या. 
  4. 2 ते 3 शिट्या आल्यानंतर गॅस बंद करा.
  5. गॅस वर भांड ठेवा आणि त्यात तेल टाका. 
  6. तेल गरम झाल्यानंतर त्यात हींग, जिरे, कांदा, हिरवी मिरची आणि आले घालून कांदा तळा. 
  7. कांदा गरम झाल्यावर १ चमचा हळद, १/२ चमचा लाल तिखट आणि टोमॅटो घालून चांगले मिक्स करा आणि १ ते २ मिनिटे तळा. 
  8. नंतर कुकरमध्ये उकडलेली खिचडी (मूग डाळ आणि तांदूळ) घाला आणि चांगले मिसळा आणि मंद गॅस वर 1 ते 2 मिनिटे शिजवा. 
  9. शिजल्यावर गॅस बंद करा.



आपल्यासाठी इतर पाककृती रेसिपी

मटर पुलाववेज बिरयानीचिकन पुलावचिकन नूडल्स  आणि वेज फ्राइड राइस यासारख्या माझ्या रेसिपी तुम्हाला आवडतील अशी आशा आहे. या व्यतिरिक्त आपण माझ्या इतर प्रकारच्या पाककृती देखील पाहू शकता,






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